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सोनकच्छ अधिकारी बीएमओ डॉ शैलेंद्र ओरिया की छवि संदेहास्पद, झोलाछाप डाक्टर को दे रहें संरक्षण, कलेक्टर को ज्ञापन देकर करवाया अवगत

सोनकच्छ/ देवास (विक्रमसिंह बामनिया)। सोनकच्छ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चौबारा जागीर में जयंत विश्वास नामक झोलाछाप डॉक्टर जो कि बिना एम.पी मेडिकल काउंसलिंग बोर्ड भोपाल से सर्टिफिकेट और क्लीनिक चलाने के लिए क्लीनिक का जो लाइसेंस है। जो जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा प्रदान किया जाता है। उसके बिना ही संचालन कर मरीजों की जान से कर रहा खिलवाड़ । विगत 25 दिनों से यहां मामला सुर्खियों में आ रहा है। जिसको लेकर फरियादी सीताराम बामनिया शासन प्रशासन से गुहार लगा रहा है। कि जो इस तरह के झोलाछाप डॉक्टर इलाज कर कहीं ना कहीं मरीजो की जान से खिलवाड कर रहे है। जिसको लेकर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ शैलेंद्र ओरिया को मीडिया के माध्यम कई बार बताया वहीं जिला अधिकारी सीएमएचओ डॉ सरोजिनी बैक को अवगत खबरों के माध्यम से कराया। उसके बाद भी दोनों ही अधिकारी ना जाने कौनसी कुंभकरण की नींद में सोंए हैं।

जांच के नाम पर किया BMO डॉ शैलेंद्र ओरिया ने ढोंग

वहीं तीन दिन पहले सोनकच्छ बीएमओ डॉ शैलेंद्र ओरिया ने जांच के नाम पर ताला तो लगा दिया लेकिन कागज कारवाही करने में डॉ शैलेंद्र ओरिया के हाथ ना जाने क्यों कांप रहे हैं। जैसे हाथों को सांप सुंग गया हो। जो डाक्टर ओरिया की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। क्या डाँ शैलेंद्र ओरिया और जिला स्वास्थ्य अधिकारी कोई ऐसी घटना का इंतजार कर रहे हैं जिसमें मरीजों की जान जोखिम में चली जाए…. शायद यही कारण है कि कार्यवाही करने में आनाकानी की जा रही है।

BMO डॉ शैलेंद्र ओरिया पर भी हो कारवाही

BMO डॉ शैलेंद्र ओरिया जो कि एक अच्छे अधिकारी होने का ढोंग करते है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई हो। वहीं सोनकच्छ सिविल हॉस्पिटल की अगर बात करे तो सबसे ज्यादा लापरवाही हो रही है तो वो सोनकच्छ सिविल अस्पताल में हो रही हैं। सफाई के नाम पर,इलाज के नाम पर,गर्भवती महिलाओं को जांच के दौरान भीड़ का सामना करना पड़ता है।,पर्याप्त स्टाफ के नाम पर लापरवाही। अगर जिला कलेक्टर द्वारा बारीकी से जांच की जावे तो ऐसे कई कारनामे उजागर हो सकते हैं। जो कि जनता और मरीजों के साथ एक धोखा है। इसलिए ऐसे भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ सख्त कारवाही हो। ओर डॉ शैलेंद्र ओरिया जैसे भ्रष्टाचारी अधिकारी जो झोलाछाप डॉक्टरो के रहनुमा बने बैठे हैं। उनको तत्काल प्रभाव से मुक्त कर देना चाहिए।

देवास कलेक्टर को दिया
ज्ञापन

वहीं इस मामले को लेकर ग्रामीण सीताराम बामनिया जिला देवास कलेक्टर को आवेदन के माध्यम से अवगत कराया है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन द्वारा कब तक कार्रवाई की जाती है। क्या ऐसे ही झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार यूं ही चलता रहेगा।

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