क्षिप्रा,इंदौर। श्री विघ्न विनाशक चिंताहरण गणेश मंदिर, क्षिप्रा (खड़े श्री गणेश जी) में लगभग 50 वर्षों से हरतालिका तीज का पूजन विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। हर वर्ष हरतालिका तीज के अवसर पर हजारों की संख्या में माताएं, बहनें एवं युवतियां यहां पहुंचकर भगवान शिव एवं माता पार्वती का पूजन करती हैं और रात्रि जागरण में शामिल होती हैं।
मंदिर परिसर में रात्रि जागरण के दौरान भजन-कीर्तन एवं नृत्य के माध्यम से श्रद्धालु पूरी रात भगवान की भक्ति में लीन रहते हैं। विशेष रूप से बड़ी संख्या में युवा मातृशक्ति की सहभागिता धार्मिक परंपराओं और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश देती है।
बताया जाता है कि एक समय छोटी-सी जगह पर कुछ माताओं-बहनों द्वारा शुरू किया गया हरतालिका तीज का पूजन आज हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है। यहां आने वाली महिलाओं में व्रत, पूजा-पाठ और सनातन परंपराओं के प्रति गहरी श्रद्धा देखने को मिलती है।
गुरुजी की परंपरा को आगे बढ़ा रहे पं.राकेश एवं पं.प्रणेश जोशी मंदिर की धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में स्व.पं.चंद्रशेखर जोशी गुरुजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके बाद मंदिर की जिम्मेदारी पं. राकेश जी जोशी एवं पं. प्रणेश जी जोशी द्वारा संभाली जा रही है। दोनों ही गुरुजी की स्मृतियों और उनके द्वारा स्थापित धार्मिक परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। मंदिर में जन्माष्टमी,हरतालिका तीज,ऋषि पंचमी,डोल ग्यारस सहित विभिन्न धार्मिक पर्व एवं पूजन बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाए जाते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धार्मिक आस्था एवं सामाजिक एकता का परिचय देते हैं।



