
देवास। खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट और असुरक्षित तरीके से खाद्य सामग्री परोसे जाने के खिलाफ अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने मोर्चा खोल दिया है। पंचायत ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर देवास जिले में व्यापक स्तर पर ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान चलाने की मांग की है। संगठन ने नकली घी, पनीर, दूध, मावा, मिठाई, खाद्य तेल, मसाले सहित अन्य खाद्य पदार्थों की सघन जांच और सैंपलिंग कर मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई।
मिलावट सिर्फ धोखा नहीं, लोगों की सेहत से खिलवाड़
ज्ञापन में कहा गया कि जिले में मिलावटी एवं नकली खाद्य पदार्थों के निर्माण और विक्रय की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं। दूध और डेयरी उत्पाद, घी, पनीर, मावा एवं मिठाई जैसे खाद्य पदार्थ सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े हैं। ऐसे में इनकी नियमित के साथ-साथ आकस्मिक जांच भी बेहद जरूरी है।
ग्राहक पंचायत ने प्रशासन से मांग की कि केवल औपचारिक कार्रवाई तक अभियान सीमित न रहे, बल्कि संदिग्ध खाद्य प्रतिष्ठानों पर अचानक पहुंचकर सैंपल लिए जाएं और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अखबार में पोहा-जलेबी परोसना भी बने निशाने पर
ग्राहक पंचायत ने खाद्य पदार्थों को अखबार अथवा प्रिंटेड पेपर में रखकर या लपेटकर देने की प्रथा पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। संगठन का कहना है कि देवास शहर सहित जिले के अनेक स्थानों पर पोहा, जलेबी, नमकीन, कचोरी, समोसा आदि खाद्य पदार्थ अखबार में रखकर ग्राहकों को दिए जाते हैं।
पंचायत ने इसे खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर विषय बताते हुए संबंधित दुकानदारों को जागरूक करने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। गर्म चाय, कॉफी एवं अन्य पेय पदार्थों को अनुपयुक्त प्लास्टिक अथवा डिस्पोजेबल कप में परोसे जाने पर भी संगठन ने चिंता जताई।
संयुक्त टीम बनाकर हो जिलेभर में कार्रवाई
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि खाद्य सुरक्षा विभाग, नगर निगम/नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की जाए। यह टीम दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई दुकानों, डेयरियों, चाय-नाश्ता दुकानों, ठेलों एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर आवश्यक सैंपलिंग करे।
ग्राहक पंचायत ने स्पष्ट किया कि अभियान केवल देवास शहर तक सीमित न रहे। इसे जिले की सभी तहसीलों, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों तथा प्रमुख बाजारों तक पहुंचाया जाए, ताकि छोटे-बड़े सभी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच हो सके।
दोषियों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ के साथ हो कार्रवाई
संगठन ने मांग की कि मिलावटी अथवा असुरक्षित खाद्य पदार्थ पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध Food Safety and Standards Act, 2006 एवं अन्य लागू प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अभियान की समयबद्ध रिपोर्ट तैयार कर नागरिकों को भी कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
ग्राहक पंचायत ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट महज आर्थिक धोखा नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा गंभीर अपराध है। इसलिए प्रशासन को मिलावटखोरों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए, जिसका स्पष्ट संदेश पूरे जिले में जाए।
*ज्ञापन के दौरान ये रहे उपस्थित*
ज्ञापन सौंपने के दौरान वीरेंद्र सिंह ठाकुर, गजराज सिंह, लोकेश पिपरकर, ओमप्रकाश पटेल, पवन पुरोहित, अमित धाकड़, राजेंद्र बैरागी, राजेंद्र भंडारी, दरबार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



