देवास । उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले के समस्त विकासखण्डों में कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन गांवों में चौपाल लगाकर किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान, नरवाई का उचित प्रबंधन जैसे स्ट्रारीपर(भूसा बनाने वाली मशीन) का उपयोग के बाद रोटावेटर चलाने तथा वेस्टज डिकम्पोजर के छिडकाव से बचे हुए ढूंठो को शीघ्र सडाकर जैविक खाद बनाने की समझाईश दी जा रही हैं। चौपालों में नरवाई जलाने पर आर्थिक दण्ड लगाने के संबंध में भी जानकारी कृषि विभाग द्वारा दी जा रही है। जिसमें दो एकड से कम पर 02 हजार 500, दो से पाचं एकड़ पर 05 हजार रूपये और पाचं एकड से अधिक भूमि धारित किसानों 15 हजार रूपये दण्ड का प्रावधान है।
जिले के गांवों में चौपाल लगाकर नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान और नरवाई के उचित प्रबंधन की दी जा रही है जानकारी
By admin
0
2
RELATED ARTICLES

Most Popular


